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पूजा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी!!!!

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 पूजा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी!!!!!!! ★ एक हाथ से प्रणाम नही करना चाहिए। ★ सोए हुए व्यक्ति का चरण स्पर्श नहीं करना चाहिए।  ★ बड़ों को प्रणाम करते समय उनके दाहिने पैर पर दाहिने हाथ से और उनके बांये पैर को बांये हाथ से छूकर प्रणाम करें।  ★ मन्दिर में किसी व्यक्ति के चरण नहीं छूने (गुरु को छोड़कर ) चाहिए। ★ जप करते समय जीभ या होंठ को नहीं हिलाना चाहिए। इसे मानसिक जप कहते हैं। इसका फल सौगुणा फलदायक होता हैं। ★ जप करते समय माला को कपड़े या गौमुखी से ढककर रखना चाहिए।  ★ जप के बाद आसन के नीचे की भूमि को स्पर्श कर नेत्रों से लगाना चाहिए। ★ संक्रान्ति, द्वादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, रविवार और सन्ध्या के समय तुलसी तोड़ना निषिद्ध हैं। ★ दीपक से दीपक को नही जलाना चाहिए। ★ यज्ञ, श्राद्ध आदि में काले तिल का प्रयोग करना चाहिए, सफेद तिल का नहीं।  ★ शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाना चाहिए। पीपल की सात परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करना श्रेष्ठ है,  ★ कूमड़ा-मतीरा-नारियल आदि को स्त्रियां नहीं तोड़े या चाकू आदि से नहीं काटें। यह उत्तम नही माना गया हैं।  ★ भोजन प्रसाद को लाघंना नही...

इस्लाम के गढ़ सऊदी अरब में मिला 8000 साल पुराना मंदिर, हिन्दू सभ्यता पर लगी मुहर

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 इस्लाम के गढ़ सऊदी अरब में मिला 8000 साल पुराना मंदिर, हिन्दू सभ्यता पर लगी मुहर इस्लाम के गढ़ में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई खुदाई में 8 हजार साल पुराने मंदिर समेत कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं, जो वहां पर हिन्दू सभ्यता के होने का प्रमाण देती है.... सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई खुदाई में कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं. इस्लाम के गढ़ में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई खुदाई में कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं. पुरातत्व विभाग को दक्षिण-पश्चिम इलाके के अल-फॉ की साइट पर खुदाई में 8 हजार साल पुराना मंदिर मिला है. यहां इतनी ही पुरानी यज्ञ वेदी मिली है. खुदाई के नतीजे बताते हैं कि सऊदी अरब में एक समय में यहां हिन्दू सभ्यता का अस्तित्व रहा है. चौंकाने वाली बात है कि यज्ञ वेदी उसी दिशा में है जिस तरफ आमतौर पर भारतीय मंदिरों में होती है. अनेक ऐसे अवशेष मिले हैं जिन पर देवी-देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं. यह खुदाई सऊदी अरब और फ्रांस के पुरातत्वविदों के संगठन सऊदी अरब हेरिटेज कमीशन ने की है. कमीशन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां...

12 ज्योतिर्लिंग के बारे मे कीतना जानते है आप

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 #द्वादश_ज्योतिर्लिंग, हमारा देश भारत में यूँ तो अनेकों तीर्थ है पर इनमें जो सबसे भगवान भोलेनाथ प्रमुख माने जाते है वो है बारह ज्योतिर्लिंग,  पुराणों के अनुसार इन्हीं 12 जगहों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए। 1. #सोमनाथ यह शिवलिंग गुजरात के सौराष्ट्र में स्थापित है। 2. #श्रीशैल_मल्लिकार्जुन मद्रास में कृष्णा नदी के किनारे पर्वत पर स्थापित है श्री शैल मल्लिकार्जुन शिवलिंग। 3. #महाकाल उज्जैन में स्थापित महाकालेश्वर शिवलिंग, जहां शिवजी ने दैत्यों का नाश किया था। 4. #ओंकारेश्वर_ममलेश्वर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर पर्वतराज विंध्य की कठोर तपस्या से खुश होकर वरदान देने यहां प्रकट हुए थे शिवजी। जहां ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापित हो गया। 5. #नागेश्वर गुजरात के दारूका वन के निकट स्थापित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग। 6. #बैद्यनाथ झारखंड के देवघर में बैद्यनाथ धाम में स्थापित शिवलिंग। 7. #भीमाशंकर महाराष्ट्र की भीमा नदी के किनारे स्थापित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग। 8. #त्र्यंम्बकेश्वर नासिक (महाराष्ट्र) से 25 किलोमीटर दूर त्र्यंम्बकेश्वर में स्थापित ज्योतिर्लिंग। 9. #घुष्मेश्व...